CTET 2022 CDP Questions: "बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र" (CDP) के 15 सम्भावित प्रश्न, इन्हें जरूर पढ़ लें


आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से "बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र" CDP के महत्वपूर्ण व रोचक सवाल लेकर आए हैं जो कि सीटेट परीक्षा के पेपर दोनों में आपकी मदद करेंगे और आपको ज्यादा अंक हासिल करने में यह सवाल मदद करेंगे इन सभी सवालों को ध्यान पूर्वक हल करें और अपनी तैयारी को और मजबूत करें ।









CTET 2022: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा ( CTET )2022 दिसंबर में प्रस्तावित है, इसको देखते हुए अब बहुत कम समय इस परीक्षा के लिए बचा है सभी छात्र अब ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस पर ध्यान दें , जिससे कि वह अच्छा स्कूल हासिल कर सकें आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों के लिए अति महत्वपूर्ण 15 संभावित प्रश्न लेकर आए हैं ।





आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से "बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र" CDP के महत्वपूर्ण व रोचक सवाल लेकर आए हैं जो कि सीटेट परीक्षा के पेपर दोनों में आपकी मदद करेंगे और आपको ज्यादा अंक हासिल करने में यह सवाल मदद करेंगे इन सभी सवालों को ध्यान पूर्वक हल करें और अपनी तैयारी को और मजबूत करें ।





CTET 2022 Child Development and Pedagogy (CDP) Expected Questions for Paper 1 and Paper 2: परीक्षा में पूछे जाते है ये सवाल, इन्हें जरूर रट ले ।





Q.1  प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला की स्थापना किसने की थी ?





A.गाल्टन





B.हल





C.वॉटसन





D.वुण्ट





ANS - D





व्याख्या : जर्मनी के चिकित्सक, दार्शनिक, प्राध्यापक, विल्हेम का |मैक्समिलियन वुण्ट को आधुनकि मनोविज्ञान का जनक माना जाता है। वुण्ट ने मनोविज्ञान को 'विज्ञान' माना और उन्होंने ही सबसे पहले अपने आपको 'मनोवैज्ञानिक' कहा। वे प्रायोगिक मनोविज्ञान के जनक माने जाते हैं। सन् 1879 में लिपजिंग विश्वविद्यालय में | मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला स्थापित की। इसके बाद मनोविज्ञान को एक स्वतंत्र विधा माना जाने लगा ।





Q.2   छात्र अधिगम  का वार्क (VARK) मॉडल इनके द्वारा प्रस्तावित किया गया था.





1.कोह्लबर्ग





2.नील फ्लेमिंग





3.पियाजें





4.ई. इरिक्सन





ANS - B





व्याख्या : छात्र अधिगम का वार्क (VARK) मॉडल नील डी फ्लेमिंग द्वारा प्रस्तावित किया गया था। वार्क न्यूरो- लैंग्वेज प्रोग्रामिंग (NLP) का विस्तारित रूप है। वार्क मॉडल 1987 में लिंकन विश्वविद्यालय में किये गये शोध कार्य के माध्यम से लाँच किया गया था।





Q.3   शिक्षा मनोविज्ञान की उत्पत्ति का वर्ष कौन –सा माना जाता है





1. 1947





2. 1920





3. 1940





4. 1900





ANS: - D





व्याख्या: शिक्षा मनोविज्ञान का औपचारिक प्रारम्भ आधुनिक काल में वर्ष 1889 से जी. स्टेनलेहॉल के प्रयासों से माना जाता है। | स्टैनले हाल को बाल मनोविज्ञान का अन्वेषक भी कहा जाता है। थार्नडाइक द्वारा स्थापित कोलाम्बिया विश्वविद्यालय (सन् 1900) में शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की स्थापना होने के फलस्वरूप शिक्षा मनोविज्ञान के अध्ययन को दृढ़ता मिली एवं शिक्षा मनोविज्ञान की स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने का सिलसिला यहीं पर शुरू हुआ था।





Q.4   शिक्षा मनोविज्ञान का सम्बन्ध किससे नहीं है





1. मानव व्यवहार का अध्ययन





2. मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन





3. सीखने के तरीकों का अध्ययन





4. संचार माध्यमों का अध्ययन





ANS - D





व्याख्या : शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षा मनोवैज्ञानिक रूप में अध्ययन करती है। इसका सम्बन्ध मानव के व्यवहार, मानसिक प्रक्रियाओं, सीखने के तरीकों, व्यक्ति और समायोजन, व्यक्तिगत भिनतओं, पाठ्क्रम निर्माण, अध्ययन विधियाँ, मापन एवं मूल्यांकन आदि से सम्बन्धित है। जबकि संचार माध्यमों का अध्ययन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के अंतर्गत किया जाता है।





Q.5 निम्नलिखित में से कौन शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति है





1.कला





2.विज्ञान





3.विध्यात्मक विज्ञान





4.उपरोक्त में से कोई नहीं





ANS - C





व्याख्या : शिक्षा मनोविज्ञान न पूर्ण रूप से कला है और न ही पूर्ण विज्ञान/बल्कि यह कला और विज्ञान दोनों है। शिक्षक अपने कला और . कौशल से बालकों में अध्ययन के प्रति रूचि उत्पन्न करता है तथा बालक अपनी रूचि, अभिप्रेरणा आवश्यकतानुसार अधिगम प्रक्रिया में भाग लेता है। इसलिए इसे विध्यात्मक विज्ञान भी कहा जाता है।





Q.6   शिक्षा मनोविज्ञान की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है





1.बच्चे अपने ज्ञान का स्वयं सृजन करते है





2. विधालय में आने से पहले बच्चों को कोई पूर्व ज्ञान नहीं होता है





3. अधिगम प्रक्रिया में बच्चों को कष्ट होता है





4. बच्चे यथावत् सीखते हैं जो उन्हें पढाया जाता है





ANS - A





व्याख्या : शिक्षा मनोविज्ञान की दृष्टि से 'बच्चे अपने ज्ञान का सृजन स्वयं करते हैं।' अर्थात बच्चों को सिखाने के लिए मात्र अधिगम परिस्थिति की उपस्थिति आवश्यक होती है तथा उन्हें अधिगम के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता होती है जिसमें बच्चे स्वयं सक्रिय सहभागिता द्वारा अधिगम अनुभव प्राप्त करते हैं।





Q.7  एक शिक्षक को अपने विधार्थियों की क्षमताओं को समझने का प्रयास करना चाहिए। निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र इस उद्देश्य के साथ संबद्ध है





1. सामाजिक दर्शन





2. मीडिया-मनोविज्ञान





3. शिक्षा –मनोविज्ञान





4. शिक्षा समाजशास्त्र





ANS - C





व्याख्या: शिक्षा मनोविज्ञान, शैक्षिक परिस्थितियों में बालक के | व्यवहार का अध्ययन करके शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सरल, | सुगम तथा प्रभावी बनाने का विज्ञान है। इसमें शिक्षक अपने विद्यार्थियों की क्षमताओं को समझने का प्रयास करता है तथा उसी | अनुरूप उसमें सुधार करने का प्रयास करता है।





Q.8  शिक्षा मनोविज्ञान है





1. विसुद्ध विज्ञान





2. व्यावहारिक विज्ञान





3. मानक विज्ञान





4. उपर्युक्त मे से कोई नहीं





ANS - C





व्याख्या : शिक्षा मनोविज्ञान एक मानक विज्ञान है जिसमें व्यक्ति को लक्ष्य केन्द्रित शिक्षा दी जाती है । इसके द्वारा मानव व्यवहार को परिवर्तित, मनचाही दिशा में मोड़ा जा सकता है।





Q.9  प्रारंभ में आत्मा का प्रयोग किस शास्त्र में किया जाता था





1. अर्थशास्त्र





2. दर्शनशास्त्र





3. समाजशास्त्र





4. शिक्षाशास्त्र





ANS - B





व्याख्या : दर्शनशास्त्र वह ज्ञान है जो परम सत्य और प्रकृति के सिद्धान्तों और उनके कारणों की विवेचना करता है। दर्शनशास्त्र सामाजिक चेतना के रूपों में से एक है। अतः दर्शनशास्त्र का सम्बन्ध आत्मा से है। जिसमें व्यक्ति के आत्मा (अन्तर्निहित ज्ञान) का अध्ययन किया जाता था।





Q.10  1882 ई.में किस मनोवैज्ञानिक द्वारा लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया गया





1. कैटेल





2. गाल्टन





3. अल्फ्रेड बिने





4. वुडवर्थ





ANS - C





व्याख्या: अल्फ्रेड बिने ने 1882 में लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया था।





Q.11  शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए क्योंकि





1. इससे शिक्षक को आत्म सन्तुष्टि मिल सके





2. इससे वह दूसरों को प्रभावित कर सके





3. इससे वह अपनी परीक्षाओं में प्रथम आ सके





4. इसकी सहायता से अपने  शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सके





ANS - D





व्याख्या: शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए क्योकि इसकी सहायता से वह अपने शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सकता है। शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है शिक्षार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना तथा उनके व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन लाना। यह कार्य तभी हो सकता है जबकि विद्यार्थियों के व्यवहार के स्तर की जाँच हो सके, यह पता चल सके कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास किस सीमा तक हुआ।





Q. 12  निम्न में से कौन –सी शिक्षा मनोविज्ञान की सर्वाधिक  व्यक्तिनिष्ठ विधि है





1.अन्तर्दर्शन





2. बहिर्दर्शन





3. अवलोकन





4. प्रयोगीकरण





ANS - A





व्याख्या: शिक्षा मनोविज्ञान की सर्वाधिक व्यक्तिनिष्ठ विधि अंतदर्शन है। इस विधि का प्रतिपादन विल्हेंम वुण्ट तथा उनके शिष्य | टिचनर ने किया था। अंतदर्शन विधि में मनोवैज्ञानिक अपने ही भावों, अनुभवों, व्यवहारों, संवेगों आदि का अंतर्निरीक्षण करके | उसका विश्लेषण करते थे और मनोवैज्ञानिक नियमों तथा सिद्धांतों का प्रतिपादन करते थे।





Q.13  निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प शिक्षा मनोविज्ञान की एक सीमा है





1.बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं का ज्ञान





2. कक्षा की समस्याओं का समाधान





3. बालक केंद्रित शिक्षा





4. वैयक्तिक विभिन्नताओं की समस्या





ANS - D





व्याख्या: वैयक्तिक विभिन्नताओं की समस्या शिक्षा मनोविज्ञान की एक सीमा है।





Q. 14 प्रयोगात्मक विधि को सर्वप्रथम प्रस्तावित किया





1. जुड ने





2. राइस एवं कार्नमैन ने





3. विल्हेम वुन्ट ने





4. कोलिन्स व ड्रेवर ने





ANS - C





व्याख्या: विल्हेम वुन्ट जर्मनी के दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक थे। विल्हेम वुन्ट ने 1879 में मनोविज्ञान की पहली प्रयोगशाला की स्थापना किया था तथा इन्होंने मनोविज्ञान के क्षेत्र में प्रयोगात्मक विधि का प्रारम्भ किया इसलिए इन्हे प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का पिता भी कहा जाता है।





Q.15  मनोविज्ञान का शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बडा योगदान है





1. विषय केन्द्रित शिक्षा





2. शिक्षक केन्द्रित शिक्षा





3. क्रिया केन्द्रित शिक्षा





4. बाल केन्द्रित शिक्षा





ANS - D मनोविज्ञान का शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदान है बाल केन्द्रित शिक्षा के विकास में मनोविज्ञान के द्वारा ही शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया जिसके परिणामस्वरूप बालक के व्यवहार को नियन्त्रित करके सकारात्मक दिशा प्रदान की जाती है तथा शिक्षण पाठ्यक्रम तथा शिक्षण कौशल छात्र के अनुकूल ही तैयार किये जाते हैं ताकि छात्र सहजतापूर्वक अधिगम कर सके।






Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box

أحدث أقدم